~By Shrutirekha ✍🏻
Poet | U Writer
दो पेपर खराब गया तो उम्मीद
क्यों छोड़ रही हो, 😫
परीक्षा देने से मुंह क्यों मोड़ रही हो, 🙃
क्यों दिल को समझा रहे हो कि
तू फेल हो गई, 🥺
क्यों सिर्फ यही बात कह रहे हो
की मंजिल दूर रह गई।😔
आज तू हारा सच
पर टूटी नहीं, 🙂
हां आग की लपट धीमे हुआ सच
पर चिंगारी अभी बुझी नहीं । 😥
हां आज रो रही हूं में
कल भी रोऊंगी 😭
हर पल इस नाकामयाबी
को मेहसूस करूंगी 😔
फिर दिल को समझाऊंगी,
फिर उम्मीद जगाऊंगी, 😃
मेहनत पहले से दुगनी करूंगी,
फिर डट कर खड़ी हूंगी ।😉
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#Poetry
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